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लेखनी कहानी -12-Oct-2022

#शीर्षक समय का पहिया 
#विषय समय
#विधा मनहरण घनाक्षरी
#दिनांक 12/10/2022

वक्त निकला जा रहा, 
समय रुकता नहीं। 
कालचक्र की गति को, 
जरा पहचानिए। 

शनै शनै बीत रहा, 
हाथों से निकले रेत। 
पल पल हर घड़ी, 
समय को जानिए। 

काल की नियति जानो,
ठहरता नहीं वक्त। 
समय को बलवान, 
जीवन में मानिये।
 
सदा चलता ही जाता 
दिन रात प्रतिपल 
संकट की घड़ी आए 
जोश जज्बा ठानिये

रमाकांत सोनी सुदर्शन
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान

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6 Comments

Suryansh

16-Oct-2022 07:04 PM

लाजवाब लाजवाब

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Ilyana

13-Oct-2022 07:37 PM

Nice

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Wahhhh wahhhh बहुत ही खूबसूरत

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